टूटी सड़कें गंदे नाले के पानी के बीच से गुजरने पर मजबूर हैं स्कूल के बच्चे

 

विधायक को एंटी करप्शन फोरम ने दी चेतावनी

कार्यालय संवाददाता

नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के संगम विहार विधानसभा के अंतर्गत संगम विहार कॉलोनी में यूं तो किसी चीज की कमी नहीं है और तमाम नामचीन दुकानें और खानपान का सामान उपलब्ध है। यदि नहीं है कुछ तो वह है मूलभूत सुविधाएं। इस बारे में एंटी करप्शन फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण गोपाल ने कहा है कि संगम विहार विधानसभा से विधायक दिनेश मोहनिया पिछले साढे 4 सालों से अपने क्षेत्र से लापता हैं। इस बाबत इलाके के लोगों ने विधायक की गुमशुदगी के पोस्टर भी दीवारों पर चस्पा किए हैं। लेकिन विधायक दिनेश मोहनिया है कि उनके कान पर जूं तक नहीं रेंगती। बरसात के मौसम में जहां टूटी सड़कों पर चलना मुहाल है, वही टूटी नालियां और उन में बहता गंदा पानी भी सड़कों पर बह रहा है। इस गंदे पानी के बीच से होकर स्कूल के मासूम बच्चे और बच्चियों को गुजारना पड़ता है। कई बार तो यह बच्चे खराब सड़क के कारण गंदे पानी में गिर जाते हैं और उसी गंदे और भीगे के कपड़े पहन कर स्कूल जाने पर मजबूर होते हैं। जिसकी वजह से इन बच्चों को संक्रमण की बीमारियों का शिकार होना पड़ रहा है और यह बच्चे स्कूल से ज्यादा अस्पताल की हाजिरी लगा रहे हैं।

 


 

इलाके के लोगों का कहना है कि संगम विहार एशिया की सबसे बड़ी कॉलोनी है। इस कॉलोनी में ढाई लाख से ज्यादा वोटर हैं। उसके बावजूद दिनेश मोहनिया इस ओर ध्यान नहीं देते। हालांकि दिनेश मोहनिया काफी विवादित विधायक हैं। उन पर महिलाओं के साथ बदतमीजी करने और मारपीट के इल्जाम तो लगते ही रहे हैं। लेकिन जब से वह दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष हुए हैं, उसके बाद से वह अपने क्षेत्र से गायब हैं। इतना ही नहीं विधायक दिनेश मोहनिया अपनी विधानसभा को छोड़कर अंबेडकर नगर क्षेत्र में रहते हैं और वहीं पर उन्होंने अपना कार्यालय बनाया हुआ है जबकि आम आदमी पार्टी मुखिया एवं दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने तमाम विधायकों के लिए उनके क्षेत्रों में स्टेशन बना कर दिए हुए हैं। ताकि विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन दो घन्टे का समय व्यतीत करें और जनता की समस्याओं का निवारण करें। लेकिन काम न करने की आदत के चलते विधायक दिनेश मोहनिया अपने क्षेत्र में नहीं जाते हैं। दिनेश मोहनिया अपने क्षेत्र की जनता को मूलभूत सुविधाएं तो दिलवा नहीं पा रहे है और बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। गलियों में गेट लगवाने, वाईफाई और दिल्ली स्तर की बातें करके जनता को गुमराह कर रहें हैं।

संगम विहार के लोगों में विधायक दिनेश मोहनिया के प्रति काफी रोष है। दिल्ली सरकार के हॉस्पिटलों में पहले से काफी भीड़ है। अब यह गरीब बीमार होते बच्चे इन सरकारी हॉस्पिटलों में इलाज भी नहीं करवा पा रहे हैं। बच्चों का कहना है कि उनकी परीक्षाएं चल रही है। जिसकी वजह से वह गंदे और सड़ान्ध वाले पानी का सामना स्कूल आते-जाते वक्त करना पड़ रहा है।

एन्टी करप्शन फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण गोपाल ने विधायक दिनेश मोहनिया को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि विधायक ने क्षेत्र की जनता की समस्याओं का निवारण नहीं किया तो जल्द ही वह इसके विरुद्ध मुहिम चलाएंगे और कानूनी प्रक्रिया को अपनाते हुए अदालत की शरण लेंगे।

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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।