सेंसेक्स की 986 अंकों की रैली; निफ्टी 3% चढ़कर 9,266 पर बंद हुआ
अमर देव सिंह

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजारों में यह एक परफेक्ट शुक्रवार था। दिन के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 3% से अधिक की तेजी देखने को मिली। आज, आरबीआई की प्रेस विज्ञप्ति ने कोरोनावायरस की दवाई के तौर पर 'रीमेडिसविर' सामने आने की खबरों के साथ बाजार में सकारात्मक चिंगारी पैदा की। इसके अलावा भारत सरकार प्रोत्साहन पैकेज को अंतिम रूप दे रही है जिसकी घोषणा सप्ताहांत में कभी भी की जा सकती है। इन सभी घटनाओं ने बाजार के लिए बहुत आवश्यक गति उत्पन्न की और नकारात्मकता को पीछे छोड़ दिया।

कारोबारी घंटों के दौरान कुछ सबसे अच्छी खबरें आरबीआई से आईं। नियामक ने कोरोनोवायरस के आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए कई उपायों की घोषणा की और संबंधित मुद्दों पर आवश्यक स्पष्टता भी दी। इन उपायों में 50,000 करोड़ रुपए एलटीआरओ इंजेक्शन, रिवर्स रेपो दर में 25 बेसिस अंक की कटौती, और राज्यों के लिए वेज एंड मींस एडवांसेस (डब्ल्यूएमए) सीमा 60% तक बढ़ने की बातें शामिल हैं। यह भी स्पष्ट किया कि 90-दिवसीय एनपीए नॉर्म मॉरेटोरियम के तहत दिए गए क्रेडिट पर लागू नहीं होगा और अचल संपत्ति कंपनियों को दिए गए एनबीएफसी लोन पर भी शैड्यूल कमर्शियल बैंकों वाणिज्यिक बैंकों द्वारा प्राप्त लाभ बराबरी से दिए जाएंगे। 

आरबीआई की घोषणा के बाद बैंकिंग, एनबीएफसी और रियल्टी सेग्मेंट में अच्छी रैली देखी गई। निफ्टी बैंक 6.61% बढ़कर बंद हुआ जबकि निफ्टी रियल्टी भी 3.59% उछला। दोनों सूचकांकों में शामिल 100% स्टॉक आगे बढ़ते दिखे। एसएंडपी बीएसई फाइनेंस में 98 स्टॉक आगे बढ़े और सिर्फ 12 में गिरावट देखी गईं। इंडेक्स के भीतर इक्विटास होल्डिंग्स 21.15%, जेएंडके बैंक 19.95% और इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस ने 17.61% की बढ़त के साथ रैली की। रियल्टी सेगमेंट में, ओबेरॉय रियल्टी ने 13.05% की वृद्धि की, जबकि अन्य स्टॉक जैसे सोभा, इंडियाबुल्स आरई, एचडीआईएल, और सनटेक रियल्टी ने 4% और 5% के बीच उछाल मारी। 

हमारी पड़ोसी अर्थव्यवस्था चीन और कोविड-19 के प्रकोप का एपिसेंटर की मैक्रो-इकोनॉमिक तस्वीर भी सामने आई। चीन की अर्थव्यवस्था भी कोरोनोवायरस-प्रेरित लॉकडाउन और प्रोडक्शन-हॉल्ट के प्रत्यक्ष प्रभाव के रूप में सिकुड़ गई। 1992 के बाद यह पहली बार है कि चीनी अर्थव्यवस्था ने नकारात्मक तिमाही वृद्धि दर दी है। जारी किए गए आंकड़ों ने संकेत दिया है कि वित्त वर्ष 2020 की अंतिम तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर में 6.8% गिरावट दर्ज की गई है।

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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।