बुलियन सपोर्ट लेवल के पास और कच्चा तेल 5% तेज, बेस मेटल के लिए पॉजीटिव आउटलुक
वाणिज्य संवाददाता

 नई दिल्ली। पिछले हफ्ते दुनिया भर में कुछ दिलचस्प घटनाक्रम हुए। अब हम कोरोनो वायरस प्रकोप के कमजोर पड़ने की स्थिति देख रहे हैं और उद्योग के परिदृश्य में जल्द ही सुधार की उम्मीद है। चीन ने हुबेई प्रांत के बंद को भी खत्म कर दिया है और देश अब सामान्य स्थिति में लौट रहा है। किस प्रकार इस राष्ट्रीय आपदा ने कमोडिटी बाजार को प्रभावित किया है।

प्रथमेश माल्या, चीफ एनालिस्ट, नॉन-एग्री कमोडिटी एंड करेंसी, एंजिल ब्रोकिंग लिमिटेड के मुताबिक पिछले हफ्ते स्पॉट गोल्ड की कीमत 2.5 प्रतिशत अधिक पर बंद हुई थी। केंद्रीय बैंकों द्वारा वैश्विक प्रोत्साहन उपायों की उम्मीद के बीच बुलियन मेटल की कीमतों को अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट का समर्थन मिला। एमएक्ससी फ्यूचर्स ने जून फ्यूचर में 1% उछाल के बाद 45,800 रुपये प्रति 10 ग्राम जबकि सिल्वर फ़्यूचर मई में 0.4% की रैली के साथ 43,670 रुपए के साथ बंद हुआ।

इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने पिछले हफ्ते बुधवार को अपनी पिछले महीने की पॉलिसी मीटिंग के मिनट जारी किए। यह मिनट दिखाते हैं कि यू.एस. फेड ने जोरदार पॉलिसी रेस्पांस की आवश्यकता को अनुभव किया और उसके अनुसार कार्य किया।


इस हफ्ते हम सोने की कीमतों में 46,000 रुपए/10 ग्राम की ओर बढ़ोतरी हो सकती है।(सीएमपी: 45,820.0 रुपए/ 10 ग्राम)।

प्रथमेश माल्या, चीफ एनालिस्ट, नॉन-एग्री कमोडिटी एंड करेंसी, एंजिल ब्रोकिंग लिमिटेड के मुताबिक एल्युमीनियम को छोड़कर पिछले हफ्ते एलएमई पर बेस मेटल की कीमतें पॉजिटिव ही रहीं। मांग कम होने का दबाव एल्युमीनियम पर बना हुआ है और पिछले सप्ताह 0.4 प्रतिशत कम हो गया है। शंघाई एक्सचेंज पर इन्वेंट्री के स्तर में वृद्धि और हल्के धातु की कीमतों पर एलएमई के विकास को देखते हुए यह बदलाव आया है।

इटली, फ्रांस व स्पेन में लोगों की मौत तथा नए संक्रमित लोगों की संख्या में गिरावट, चीन में कोरोना वायरस के मामलों में गिरावट ने कोरोना वायरस का प्रकोप कम होने की ओर इशारा किया है। भारत के वर्तमान लॉकडाउन से बाहर निकलने की उम्मीद है। गैर-प्रभावित क्षेत्रों से लॉकडाउन हटाने और हॉटस्पॉट को सील करने के साथ ये घटनाक्रम निकट अवधि में औद्योगिक धातुओं के लिए मांग के दृष्टिकोण में सुधार हो रहा है।

इसके अलावा आर्थिक गिरावट का मुकाबला करने के लिए अमेरिकी, यूरोज़ोन और जापान द्वारा घोषित प्रोत्साहन उपायों से औद्योगिक धातु की कीमतों को समर्थन मिल रहा है और गिरावट सीमित हो रहा है।

प्रथमेश माल्या, चीफ एनालिस्ट, नॉन-एग्री कमोडिटी एंड करेंसी, एंजिल ब्रोकिंग लिमिटेड के अनुसार पिछले हफ्ते सप्लाई की चिंता के कारण कच्चे तेल की कीमतें 4 प्रतिशत कम हो गईं। दुनियाभर में कमजोर मांग के कारण कच्चे तेल की कीमतें घटी हैं। इसके अलावा यूएस एनर्जी इंफर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन की रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले हफ्ते अमेरिकी कच्चे तेल का भंडार 15 मिलियन बैरल से अधिक हो गया, जिसने क्रूड की कीमतों पर और दबाव डाला। घातक वायरस के प्रकोप के कारण गिरती मांग और रिफाइनरी बंद होने से यूएस में इन्वेंट्री स्तरों में उछाल आया।

यू.एस. में रिफाइनरियों को बंद कर दिया गया जो घातक वायरस के प्रकोप के कारण गिरती मांग के कारण इन्वेंट्री स्तरों में उछाल आया।

हालांकि ओपेक+ मीट ने अब परिदृश्य को काफी हद तक बदल दिया है। ओपेक+ ग्रुप ने कीमतों का समर्थन करने के लिए ऐतिहासिक तौर पर उत्पादन कटौती की घोषणा की है। वैश्विक गठबंधन ने 1 मई से 30 जून तक प्रतिदिन 9.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन उत्पादन रोकने के लिए सहमति व्यक्त की है। इसके बाद ओपेक+ अप्रैल 2022 तक क्रमिक छूट जारी रखेगा। इस घोषणा के आधार पर कच्चे तेल में 5% की वृद्धि हुई है और इसकी संभावना है निकट अवधि में यह ऊपर की ओर बढ़ना जारी रखें।

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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।
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