सीसीटीवी कैमरे की मदद से 16 घंटे के भीतर मासूम सकुशल बरामद किया

नाज सिद्दीकी
नई दिल्ली। शादी के चार साल बीत जाने के बाद भी बच्चा नहीं होने पर एक दंपति ने दो माह के बच्चे को अगवा कर लिया। आरोपी दंपति ने बच्चे को छुपाने में अपने एक सहयोगी और उसकी पत्नी की मदद ली। लेकिन आदर्श नगर थाना पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से घटना के 16 घंटे बाद ही मुख्य आरोपित तक पहुंच गई और वारदात में शामिल उसकी पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। मुख्य आरोपित पर चोरी के चार केस दर्ज हैं।
डीसीपी विजिता आर्या ने बताया कि गुरुवार को केवल पार्क में रहने एक दंपति ने अपने दो माह के बच्चे के अगवा होने की शिकायत आदर्श थाने में की। महिला ने बताया कि वह घरों में साफ-सफाई का काम करती है जबकि उसके पति निर्माणाधीन मकान में चौकीदारी करते हैं। वह अपने पति और तीन बच्चों के साथ निर्माणाधीन मकान में रहती है। गुरुवार तड़के तीन बजे उन लोगों ने देखा कि उनका दो माह का बच्चा गायब है। पुलिस ने तुरंत अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस की टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला। एक फुटेज में आरोपित बच्चे को ले जाते हुए दिख गया। उसकी पहचान सुरेंद्र महतो के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपित के फोटो से उसकी पहचान करवाकर उसे भलस्वा डेयरी से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उसने बताया कि बच्चे को अपने सहयोगी के हवाले कर दिया है। पुलिस ने भलस्वा डेयरी से ही उसके सहयोगी राहुल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने पूछताछ में बताया कि बच्चा उनकी पत्नियों के पास है। पुलिस ने भोपुरा बार्डर गाजियाबाद के पास सुरेंद्र की पत्नी सिनू पेमा और राहुल की पत्नी पिंकी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सुरेंद्र की शादी को चार साल हो गए। लेकिन उनके कोई बच्चे नहीं हुआ था। जिसकी वजह से दंपति परेशान थे। बच्चे के लिए उन्होंने साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए उसने अपने सहयोगी राहुल और उसकी पत्नी की मदद ली।


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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।