सुन्नत के मुताबिक गुस्ल कैसे करें!

स्ल किसे कहते हैं!


गुस्ल का मतलब नहाना है


गुस्ल के फ़राइज़ 3 हैं


फ़राइज़ का मतलब ये है कि अगर इन में से कोई चीज़ छूट गयी तो आपका गुस्ल नहीं होगा और अगर गुस्ल नहीं होगा तो वुजू नहीं होगा वुजू नहीं होगा तो नमाज़ नहीं होगी |


1. मुंह भर कर कुल्ली करना
2. नाक में पानी डालना
3. पूरे बदन पर पानी बहाना


गुस्ल की सुन्नतें ( Gusl Ki Suunate ) 5 हैं!


गुस्ल करते वक़्त अगर सुन्नतों को भी शामिल कर लें तो सुन्नत पर अमल करने से आपका सवाब बढ़ जायेगा


1. दोनों हाथ शुरू में गट्टों तक धोना
2. जिस जगह नापाकी लगी हो उसको धोना
3. नापाकी दूर करने की नियत करना
4. वुजू करना
5. तमाम बदन पर पानी बहाना!


गुस्ल कैसे करें ( How To Take Bath Properly )


यहाँ पर हम गुस्ल का तरीका बता रहे हैं जिस में फ़र्ज़ और सुन्नत दोनों शामिल हैं


1. दोनों गट्टों तक हाथ धोये
2. फिर बदन पर जहाँ नापाकी लगी हो उस को साफ़ करें
3. फिर जिस तरह नमाज़ के लिए वुजू करते हैं उसी तरह वुजू करें
4. फिर पूरे बदन पर पानी बहाए
5. फिर आखिर में दोनों पैर धोये
6. इतना ख्याल रखें कि कोई जगह सूखी न रहे अगर सूखी रह गयी तो गुस्ल न होगा


अगर गुस्ल के बाद याद आये कि फुलां जगह पर पानी नहीं पहुंचा तो फिर से गुस्ल करना ज़रूरी नहीं सिर्फ उसी जगह को धुल लेना काफी है


इसी तरह अगर कुल्ली करना नाक में पानी डालना भूल गया तो सिर्फ इसी कमी को पूरा कर दे दोबारा गुस्ल की ज़रुरत नहीं है 


गुस्ल के आदाब ( Etiquettes Of Bath ( ghusl )


जी हाँ गुस्ल के आदाब भी हैं वो ये कि


1. गुस्ल करने वाले को चाहिए कि कोई कपडा वगैरह बाँध कर नहाये
2. औरत को हर हाल में बैठ कर नहाना चाहिए
3. अगर नंगा नहाये तो किबले की तरफ रुख न करे!


क्या गुस्ल के बाद वुजू की ज़रुरत है ?


अगर आपने ऊपर बताये गए सुन्नत तरीके के मुताबिक़ पहले वुजू किया फिर गुस्ल किया या अगर वुजू नहीं किया सिर्फ गुस्ल ही किया तो अब बाद में वुजू की ज़रुरत नहीं है इसलिए कि जिस्म के तमाम हिस्से को पाकी हासिल हो गयी |


गुस्ल खाने में पेशाब करना कैसा है ?


गुस्ल खाना अगर कच्चा है और उस में पानी जमा हो जाता है तो वहां पेशाब मकरूह तहरीमी ( हराम के क़रीब ) है और हदीस मुबारक में है कि अगर कोई गुस्ल खाने में पेशाब करता है तो उसे भूलने और वस्वसों का मर्ज़ हो सकता है इसलिए इससे बचना चाहिए |


नंगे गुस्ल करना कैसा है ?


अगर ऐसी जगह गुस्ल कर रहे हैं जहाँ किसी की नज़र नहीं पड़ती है तो नंगे गुस्ल करना दुरुस्त है लेकिन फिर भी बेहतर यही है कि तहबन्द वगैरा बाँध कर ही गुस्ल करे  |


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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।