सगे भाइयों ने प्रॉपर्टी के चलते भाई की हत्या की
- पुलिस ने किया मामला दर्ज 

- आरोपी घर में ताला लगाकर हुए फरार

 


पीड़िता मुमताज अपने भाई शहीद खान के साथ पुलिस चौकी इंद्रलोक में ब्यान देकर आते हुए 

 

मो.अनस सिद्दीकी 

नई दिल्ली। उत्तरी जिले के थाना सराय रोहिल्ला के अंतर्गत इंद्रलोक में सगे भाइयों ने अपने भाई को परिवार सहित पहले घर से धक्के देकर बाहर निकाला। भाई ने जब अपनी मां और अन्य रिश्तदारों के जरिए मदद स्वरूप हिस्सा मांगने की बात की तो घर में मौजूद सभी भाइयों ने आसिफ के साथ मारपीट की।

 


मृतक आसिफ ( फाइल फोटो ) 

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार आसिफ के भाइयों ने 19 अक्टूबर की रात को आसिफ को बुरी तरह मारा-पीटा और जब वह बेहोश हो गया। उसके बाद आसिफ के परिजन आसिफ को लेकर पहुंचे महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया और उसके शव को मोर्चरी में रखवा दिया। हत्या के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी जब पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया तो मृतक की पत्नी और उसके भाई ने क्राईम कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सामाजिक संस्था) से मदद की गुहार लगाई। सूचना पाते ही क्राईम कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष फिरोज गाजी, वकील अहमद  तथा शबनम के अलावा दर्जनों की तादाद में कार्यकर्ता इंद्रलोक पुलिस चौकी पर एकत्रित हुए और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पुलिस से संपर्क किया। पुलिस के अधिकारियों के दखल के बाद विवेचना अधिकारी सुमन प्रसाद ने पीड़िता मुमताज के बयान लिए हालांकि विवेचना अधिकारी ने बयान लिखने के दौरान घटना को काफी घुमाने का प्रयास भी किया। पीड़िता मुमताज को उसके ससुराल पक्ष ने पहले ही दहेज और 100000 की मांग करते हुए घर से निकाल दिया था।  पुलिस द्वारा मृतक आसिफ की पत्नी के बयान लेने के बाद आरोपियों ने मृतक की पत्नी को घर में न घुसने देने के चलते घरों में ताला लगाकर फरार हो गए। मृतक आसिफ की पत्नी मुमताज अपने मासूम बच्चे को लेकर भूखी प्यासी देर रात तक भटकती रही। बाद में मुमताज अपने भाई के साथ अपने मायके चली गई। पुलिस ने मुमताज को कहा कि मृतक आसिफ के पोस्टमार्टम और शव लेने के लिए अगले दिन सुबह 11:00 बजे मोर्चरी, सब्जी मंडी, बरफखाना के पास आने को कहा। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। कानूनी कार्रवाई करने का केवल आश्वासन देकर मामले की इतिश्री कर ली।

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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।