विधायक दिनेश मोहनिया को तलाश रहे हैं संगम विहार निवासी

विधायक संगम विहार विधानसभा से और कार्यलय है अम्बेडकर नगर विधानसभा क्षेत्र में


संगम विहार, रतिया मार्ग पर चलना हुआ दूभर



कार्यालय संवाददाता
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के संगम विहार विधानसभा के अंतर्गत संगम विहार निवासी नारकीय जीवन जीवन जीने पर मजबूर हैं। बरसात के मौसम में रतिया राम मार्ग पर जनता का चलन दूभर हो गया है। जगह-जगह नालियों का गंदा पानी भरा हुआ है। सड़क के दोनों ओर जो नालियां बनाई गईं हैं उनको भी ठेकेदार की मदद से आम आदमी पार्टी की टिकट से जीते क्षेत्रीय विधायक दिनेश मोहनिया के इशारे पर विरोधी पार्टियों के कार्यकर्ताओं के इर्द-गिर्द नालियों को नहीं बनने दिया है। जिसकी वजह से मुख्य मार्ग के साथ साथ गलियों में पानी भरा हुआ है। गन्दे पानी की बदबू और वहां पर पनप रहे मच्छरों की वजह से लोगों का रहना दूभर हो गया है। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली नगर निगम का मलेरिया विभाग के लोग गरीब लोगों का पानी जमा होने पर चालान काट रहे हैं।



संगम विहार निवासी एवं एंटी करप्शन फोरम के वार्ड 84 (एस) अध्यक्ष सचिन गुप्ता का कहना है कि उनकी कॉलोनी संगम विहार में पिछले साढ़े चार साल से कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। सड़कों पर गंदा पानी जगह जगह भर हुआ है। स्कूल आते-जाते समय बच्चे गंदे पानी से होकर गुजरते है। जिसकी वजह से बच्चों को इंफेक्शन हो रहा है और बीमार पड़ रहे हैं। 
संगम विहार, रतिया मार्ग निवासी सलौनी का कहना है कि गंदगी की वजह से हमारे ससुराल वाले हमी अपने मायके संगम विहार में नहीं आने देते हैं। वह अपने बीमार बाप को देखने के लिए आई हुई थी। क्षेत्रीय निवासी नीराज कुमार का कहना है कि मेरी शादी का रिश्ता तय हो गया था। लेकिन जब उसके ससुरालिये उसके घर आये तो उन्होंने टूटी सड़क और गंदगी की वजह से रिश्ता ही खत्म कर दिया।
सलीमुद्दीन का कहना है कि क्षेत्रीय विधायक दिनेश मोहनिया के कारण सड़के नहीं बनी है। और गंदी नालियों का पानी उसके घर मे घुस रहा। फलस्वरूप कभी भी उसका मकान धराशायी हो सकता है। उसके घर के आगे गली में गंदी नाली का पानी भरा हुआ जिसमें भयंकर मच्छरों के प्रकोप है। हैजा, चिकनगुनिया और खतरनाक बीमारी फैल सकती है।
आप विधायक दिनेश मोहनिया का संगम विहार विधानसभा में कोई कार्यालय भी नहीं है। चुनाव जीतने के बाद से विधायक महोदय ने अपना कार्यालय अंबेडकर नगर विधानसभा के अंदर बनाया है, जबकि अरविंद केजरीवाल ने प्रत्येक विधायक को क्षेत्र की जनता के समस्या और उसके निदान के लिए विधायकों को स्टेशन दे रखे हैं। प्रत्येक विधायक अपनी विधानसभा में कम से कम 2 घंटे प्रतिदिन अपने कार्यालय में बैठें। उसके बावजूद पिछले साढे 4 साल से दिनेश मोहनिया ने जनता से दूरी बनाकर रखी है। सूत्रों का कहना है कि दिनेश मोहनिया सांसद रमेश विधूडी से नजदीकी बनाये हुए। ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा से टिकट हासिल कर सकें। क्योंकि दिनेश मोहनिया को लगता है आम आदमी पार्टी उनको आगामी चुनाव में टिकट नहीं देगी। इसीलिए वह क्षेत्र की जनता की समस्याओं को हल करवाने के बजाए दूरी बनाए हुए हैं।


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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।