स्कोप ने कॉर्पोरेट संचार पर शिखर सम्मलेन का आयोजन

अशोक प्रियदर्शी


नई दिल्ली। स्कोप ने अपने परिसर में कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन समिट 2019 का आयोजन किया। श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, माननीय इस्पात राज्य मंत्री ने श्री सुनील कुमार, सीएमडी , एमटीएनएल  और स्कोप कार्यकारी बोर्ड के सदस्य, श्री सत्येंद्र प्रकाश, महानिदेशक, बीओसी (डीएवीपी ), डॉ के.जी. सुरेश, पूर्व महानिदेशक, आईआईएमसी, श्री अजीत कुमार झा, संपादक, इंडिया टुडे ग्रुप, सुश्री सुमिता दत्ता, ईडी (सीए), सेल, श्री पी.के. सिन्हा, शिखर निदेशक, स्कोप और अन्य गणमान्य व्यक्ति की उपस्थिति में स्कोप कॉर्पोरेट संचार शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। । शिखर सम्मेलन ने पीएसयू कॉर्पोरेट संचार के अधिकारियों को "विघटन के युग में कॉर्पोरेट संचार -परिवर्तनात्मक समाधान" के ऊपर विमर्श करने का अवसर प्रदान किया।


माननीय इस्पात राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने स्कोप शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि सार्वजनिक उद्यमों के कॉर्पोरेट संचार अधिकारियों को बदलते समय के साथ खुद को बदलने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। यह इस बात का विश्लेषण करता है कि प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में हम आज कहां खड़े हैं और हमें अपनी विज़न और लक्ष्य को हासिल करने के लिए खुद को कैसे ढालना है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की अत्यधिक सराहना की। उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि हमें इस बात का विश्लेषण करने की जरूरत है कि मौजूदा वैश्विक प्रतिस्पर्धी माहौल में, हम अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए इसके प्रदर्शन को और कैसे बढ़ा सकते हैं।


माननीय मंत्री ने कहा कि देश ने अधिक से अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को रेखांकित किया है और इसे पूरा करने के लिए, हमें निरंतर प्रयास करने, एक साथ काम करने और आम आदमी से जुड़ने की आवश्यकता है।


एमटीएनएल के सीएमडी और स्कोप कार्यकारी बोर्ड के सदस्य, श्री सुनील कुमार ने कहा कि हितधारकों के बीच हमारी छवि महत्वपूर्ण है और कॉरपोरेट संचार सही परिप्रेक्ष्य में छवि रखने का अवसर देता है। सार्वजनिक क्षेत्र बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है लेकिन हम सही तरीके से प्रोजेक्ट नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राहक, कर्मचारी, मालिक और साझेदार महत्वपूर्ण हितधारक हैं और उचित संचार के लिए कॉर्पोरेट संचार की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।


श्री अमन अग्रवाल, निदेशक, आईआईएफ,  ने अपने संबोधन में व्यवधान को गले लगाने और इसे अधिक सशक्त होने के लिए साथ रहने की सीख दी। आज सूचना की दुनिया है और सही निर्णय लेने के लिए जानकारी को कैसे संलग्न करना समय की आवश्यकता है।
 
केसीसी समूह के संस्थापक अध्यक्ष डॉ शरद कोहली ने उन चार कारकों पर प्रकाश डाला, जो व्यवधान पैदा करते हैं- जो समेकित हैं, पुरानी तकनीक का उपयोग करते हैं, उपभोक्ता प्रतिक्रिया के प्रति ग्रहणशील नहीं होते और अनुसंधान में निवेश नहीं करते हैं।  इस संदर्भ में, उन्होंने विकिपीडिया, एलईडी आदि के सफल उल्लेखनीय उदाहरण दिए।


डॉ के.जी. सुरेश, एमेरिटस प्रोफेसर, एपीजे  इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन और जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी, भोपाल, पूर्व डीजी, आईआईएमसी ने कहा कि व्यवधान, इंटरनेट और सोशल मीडिया के युग में, लगातार सतर्कता बरतने की जरूरत है अन्यथा कंपनी की प्रतिष्ठा धूमिल हो सकती है। । वास्तव में, यह सूचना का युग नहीं है, बल्कि यह बातचीत का युग है। इसलिए, अपने हितधारकों के साथ बातचीत और जुड़ाव की आवश्यकता है।


इंडिया टुडे ग्रुप के संपादक श्री अजीत कुमार झा ने कहा कि आज सभी व्यवधान वैश्वीकरण के कारण हैं। दो सबसे बड़ी चुनौतियां जो हमारे सामने हैं, वे हैं ऑनलाइन मीडिया और  श्रम बाजार में स्वचालन और हम इन पर प्रतिक्रिया कैसे देते हैं यह महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों को शिक्षित करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म की पहुंच बढ़ाने के लिए निवेश करने की सलाह दी।


श्री सत्येन्द्र प्रकाश, महानिदेशक, महानिदेशक, बीओसी (डीएवीपी ), भारत सरकार ने एक कॉर्पोरेट संचार पेशेवर के रूप में कहा कि अपने ब्रांड का निर्माण कैसे करें। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में पीएसई के योगदान की सराहना की।श्री


पी.के. सिन्हा, समिट डायरेक्टर ने कार्यक्रम का अवलोकन दिया और सम्‍मेलन के दिशा-दृष्टि के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि पीएसई ने अब तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है और प्रौद्योगिकी और मीडिया परिदृश्य के विघटन से अगले स्तर पर विकास होगा। सुश्री सुमिता दत्ता, ईडी (कॉर्पोरेट मामलों), सेल और अध्यक्ष, शिखर सम्मेलन संचालन समिति ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।


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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।