जो कानून को अपने हाथों में लेते हैं वे असली देश के दुश्मन हैं!

तारिक अनवर ने गांधीजी की 150 और राजीव गांधी की 75 वीं जयंती पर 'नफरत छोडो-भारत जोड़ो' अभियान शुरू किया



मो. अनस सिद्दीकी 
नई दिल्ली: आल इंडिया क़ौमी तंज़ीम की राष्ट्रीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री तारिक अनवर ने आज कहा कि देश जिस दौर से गुजर रहा है, वह बहुत ही नाज़ुक है। उन्होंने कहा कि आल इंडिया क़ौमी तंज़ीम के गठन के समय, स्थिति आज से बहुत भिन्न नहीं थी। मंदिर और मस्जिद के नाम पर लोगों को लड़ाने की साजिशें थीं। दंगे एक समाज को आर्थिक रूप से कुचलने और देश की गंगा जमनी सभ्यता को पूरी तरह से नष्ट करने का काम कर रहे थे।
तारिक अनवर ने कहा कि आज, जिस तरह भीड़ तंत्र शुरू हो चुका है, क्या इसी भारत का सपना गांधी नेहरू पटेल और मौलाना आजाद ने देखा था,  वास्तविक देश के गद्दार वे लोग हैं जो कानून और संविधान के दुश्मन हैं। तारिक अनवर ने लोगों से संविधान और कानून पर भरोसा करने की अपील की। तारिक अनवर ने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि वे सभी जो देश से प्यार करते हैं, जो गांधी जी की अहिंसा नीति में विश्वास करते हैं वह एक साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि पूरे एनडीए को 45 प्रतिशत वोट मिले जबकि यूपीए और दुसरे लोगों को अभी भी 55 प्रतिशत वोट मिले, लेकिन जरूरत इस बात की है कि सभी विपक्ष को एक साथ लाया जाए। उन्होंने कहा कि आज लोगों के मन और मस्तिष्क में धार्मिक जुनून डाला जा रहा है जो देश के लिए अच्छा नहीं है। आज, नफरत का नाग हमारे लोकतांत्रिक इतिहास को निगलने की कोशिश कर रहा है। 
अफसोस की बात यह है कि बापू के हत्यारे गोडसे के मंदिर के निर्माण की न केवल वकालत की जा रही है, बल्कि शर्म की बात यह है कि मोदी सरकार में मंत्री प्रहलाद पटेल ने संसद के बीते सत्र (जुलाई, अगस्त 2019), में
गांधी के हत्यारे गोडसे की सीना ठोंक कर वकालत करते हुए प्रशंसा की। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि देश को किस दिशा में ले जाने की कोशिश हो रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं साध्वी प्रज्ञा को दिल से कभी माफ नहीं करूंगा, लेकिन उन्होंने अपने मंत्री प्रहलाद पटेल की गोडसे नवाज़ी पर एक शब्द नहीं कहा। 
उन्होंने कहा कि क़ुदरत का कानून है कि हर अंधेरे के बाद रोशनी होती है। भीषण गर्मी के बाद, बारिश की बूंदें यह एहसास कराती हैं कि घमंड किसी का नहीं चलता है। इस अवसर पर उन्हों ने नफरत छोडो भारत जोड़ो अभियान की शुरुआत की।
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता मीम अफजल ने कहा कि जब लोगों के दिमाग से धर्म का बुखार उतरेगा, तब यह पता चलेगा कि देश ने कितना नुकसान उठाया है। उन्होंने कहा कि आज अत्याचार के खिलाफ बोलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ईवीएम के खिलाफ भी आवाज उठाई जानी चाहिए। मीम अफ़ज़ल ने कहा कि यह उन सभी को इकट्ठा करने का समय है जो संविधान और कानून को मानते हैं। वहीं, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ललूठिया ने कहा कि आज सभी पिछड़े और गरीब लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। 600 साल पुराने मंदिर को सरकारी गलती के कारण ध्वस्त कर दिया गया, इसलिए सभी पिछड़े और गरीब लोगों को एक मंच पर आना होगा। 
उन्होंने कहा कि आज विकास दर नकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। दिल्ली प्रदेश क़ौमी तंज़ीम के अध्यक्ष अब्दुल समी सलमानी ने सभी मेहमानों का स्वागत किया और अपने भाषण में कहा कि जरूरत इस बात की है कि आज देश में प्रेम फैलाया जाए और सरकारी योजनाओं को सार्वजनिक किया जाए जिस से लोग फायदा उठा सकें। मुनाफ हकीम ने कहा कि हमारे दादाजी को काले पानी के लिए दंडित किया गया था लेकिन दुखद इस बात का है कि देश अंग्रेज़ों से माफी मांगने वाले लोग चला रहे हैं। यूपी के पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह ने भी भाईचारे के लिए काम करने पर ज़ोर दिया। 
 हरियाणा के अध्यक्ष राजा अंसारी, कांग्रेस नेता हंजला उस्मानी, बिलाल अहमद,इशरत जहां, शम्सुद्दीन तिजार्वी, हाजी आरिफीन मंसूरी, मोहम्मद अतहर, इस्लामुद्दीन केशरी, मो. शाहिद सिद्दीकी, शरीफ अहमद इदरीसी, भाई ताहिर, सज्जाद हुसैन अंसारी, असीम अहमद मुंबई ने भी लोगों को संबोधित किया।


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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।