गो-गेटर और रूरल बिजनेस हब फाउंडेशन ने किया व्यापारिक करार


एम. ए. सिद्दीकी
दुबई। यूएई मूल की भारतीय महिला विनीता भाटिया किसानी ने समस्त भारत के 'एसएमई सेक्टर को देश विदेश में व्यापार आरम्भ करने अथवा आगे बढ़ाने में पूर्ण रूप से सहयोग व मदद करने हेतु ''गो गेटर'' नामक डिजिटल मार्केटिंग कंपनी की शुरुआत की है। यह कंपनी ऑनलाइन मार्केटिंग द्वारा सामान का क्रय-विक्रय करने हेतु एक सरल सुगम व सस्ता माध्यम है। गो-गेटर कंपनी एसएमई  द्वारा निर्मित सामान को बगैर अतिरिक्त खर्च के विश्वभर में क्रय-विक्रय करने का एक अनूठा व नवीनतम प्लेटफार्म है। 
इस प्लेटफार्म के माध्यम से व्यापारी न केवल अपना सामान बेच सकता है। बल्कि उसके साथ ही डिस्ट्रीब्यूटर एवं विक्रेता केंद्र तक बिना किसी अतिरिक्त खर्च एवं जद्दोजहद के पंहुचा सकता है।
कुमारी विनीता किसानी ने हाल ही में डॉक्टर ताओरी कमल से व्यापारिक गठबंधन किया है। डॉक्टर ताओरी कमल भूतपूर्व आईएएस अफसर है। साथ ही वह इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट फॉर होलिस्टिक रिसर्च एंड एक्शन (भारत व यूरोप) के साथ ही वे रूरल बिजनेस हब फाउंडेशन के चेयरमैन भी है। लेखक होने के साथ ही वे एक सामाजिक कार्यकर्ता भी है। उसी कड़ी में ग्रामीण धार्मिक सांस्कृतिक और व्यापारिक उत्थान हेतु कार्यरत है। उनका लक्ष्य व कार्य है कि ग्रामीणों का कोई शोषण न हो, और उसके साथ ही ग्रामीणों के व्यापारिक उत्पाद को एक केंद्रित स्थल से बगैर कर्ज, अनुदान इत्यादि के बाजार में पहुंचाना है। इसका उन्हें 35 साल का अनुभव है। ग्रामीणों के सामान को वह ग्रामीण बाजार हाट से लेकर देश-विदेश तक में बिकवाने का कार्य, सेवा भाव से करते है। डॉक्टर कमल के साथ वह सभी लोग जुड़े हुये हैं जो अपना सामान वहां बेचना चाहते है जो बाजार अभी तक अछूता है।
डॉक्टर ताओरी कमल ने बताया कि विनीता किसानी की ''गो-गेटर'' कंपनी भारतीय लघु एवं मध्यम उद्यमियों के लिए एक उपयोगी प्लेटफॉर्म है। आने वाले समय में व्यापार में अपनी पकड़ मजबूत करने एवं देश-विदेश में अपना सामान बेचने व पहुंचने हेतु एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि गो-गेटर के साथ करार होने के बाद एसएमई सेक्टर एवं लघु मध्यम वर्ग के व्यापारियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना सामान बेचने और नाम कमाने का बेहतरीन मौका होगा। 


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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।