आप विधायक चुनाव प्रचार के दौरान मारपीट के मामले में दोषी करार

अपराध संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने 2015 में विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान एक व्यक्ति को पीटने के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक सोम दत्त को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) समर विशाल ने दत्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 325 (स्वेच्छा से बिना किसी उकसावे के गंभीर चोट पहुंचाना),341 (गलत तरीके से रोक कर रखना),147 (दंगा)और 149 (अवैध रूप से जमा होना) के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने कहा,इस बात में कोई संदेह नहीं है कि 10 जनवरी 2015 को शाम करीब आठ बजे सोम दत्त अपने 50 समर्थकों के साथ फ्लैट नंबर 13 पर गए, जहां शिकायतकर्ता मौजूद था। आरोपी और उसके सहायक ने शिकायतकर्ता के साथ मारपीट की जिसके कारण उसे गंभीर चोटें आईं। गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में सात साल के कारावास की सजा का प्रावधान है। अदालत सजा का ऐलान चार जुलाई को करेगी। गौरतलब है कि दत्त के खिलाफ 2015 में गुलाबी बाग पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी कि विधायक और उसके कम से कम 50 समर्थक क्षेत्र में प्रचार के दौरान संजीव राना के घर गए थे। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि जब शिकायकर्ता ने आपत्ति जताई तब विधायक ने कथित रूप से उसके पैर में बेसबॉल के बैट से वार किया और उसके समर्थक शिकायतकर्ता को खींच कर सड़क पर ले गए और वहां उससे मारपीट की। वहीं दत्त के वकील ने अभियोजन पक्ष के वकील की दलील को काटते हुए कहा कि विधायक और उनके समर्थक सोसाइटी में शांतिपूर्ण ढंग से प्रचार कर रहे थे तभी शिकायतकर्ता ने दत्त से झगड़ा करना शुरू कर दिया। इस पर विधायक ने भी एक मामला दर्ज कराया था।


Popular posts
Global Vision of Jalan
Image
दिवाली मिलन कार्यक्रम में पहुंच सकते हैं पत्रकारों की आड़ में चोर उचक्के
इम्यून सिस्टम को मजबूत कर रही जन्नती ढाबा की हांडी स्पेशल निहारी
Image
चांदनी चौक की जनता के साथ हुए अन्याय पर जय प्रकाश अग्रवाल ने की चर्चा
Image
अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।