होमग्रोन सौंदर्य ब्रांड कलरबार ने गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के साथ रचा इतिहास...


 


लोकप्रिय कलरबार ने मैनीक्योर मेकओवर ने सबसे बड़ी नेल पॉलिश मोजेक (पैटर्न) का नया रिकॉर्ड कायम किया
नई दिल्ली। कलरबार एवम् मेकअप मैवरिक समीर मोदी (फाउंडर-सीईओ), वह व्यक्त्वि हैं तो समय के साथ यादों की रेस से नाता रखने में कायम रहे हैं। और रविवार का दिन भी ऐसी ही मस्ती और समय की पाबंदी के बीच यादगार बन गया, जब नोएडा के डीएलएफ मॉल ऑफ इंडिया में कलरबार ने अपने ही स्टाईल में समर संडे नेल पार्टी के माध्यम से इतिहास रचा।
एक घंटे में सबसे बड़े मिनी-मैनीक्योर मेकओवर के साथ कलरबार ने आज एक नया मील का पत्थर स्थापित किया और भारत के सबसे तेजी से बढ़ते इस घरेलू कॉस्मेटिक्स ब्रांड ने नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया। मौके पर जबरदस्त व अविश्वसनीय उत्साह देखने को मिला। फैन, मेकअप लवर्स और मॉल में उत्साहित लोगों का जमवाड़ा यहां मौजूद 75 मेकओवर स्टेशन पर उमड़ गया। मॉल के भूतल ऑट्रीयम में लगभग 120 मैनीक्योरिस्ट्स ने 3-4 हाथों पर एक साथ काम किया 458 प्रतिभागियों को सैसी कलरबार मेनीक्योर प्रदान किया। प्रतिभागियों के साथ गुलाबी और फायरब्रांड लाल की आकर्षक रंगों को चुनने का अवसर था।
सफलता के लिए कलरबार के ट्रेडमार्क अवयवय बोल्ड, अनअपोलोजेटिक कॉन्फीडेंस एवम् जॉय का महौल पूरी तरह यहां घुला था और आगन्तुकों को आकर्षित कर रहा था। मैनीक्योरिस्ट ने चतुराई और उत्सुकता से काम कियाय और यह देखना अद्भुत था कि प्रतिभागियों के साथ बातचीत में समय सीमा का दबाव कितनी आसानी से दूर हो गया।
इस कार्यक्रम के लिए तकरीबन 4,300 पंजीकरण दर्ज किये गये थे और लगभगत 655 ऑन-ग्राउंड पंजीकरण भी दर्ज हुए।
मौके पर समीर मोदी ने रिकॉर्ड कायम करने की उत्सुकता के बीच प्रतिभागियों के साथ सेल्फी खिंचवाई और ढेरों बधाई प्राप्त की। समीर मोदी ने कहा “हमने आज कलरबार को दुनिया के नक्शे पर स्थापित किया है, लेकिन यह हमारे ग्राहकों और दोस्तों के बिना असंभव था। हमने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि कलरबार की यूएसपी नवाचार और साझाकरण के साथ ग्राहकों की मांग के अनुसार रहे। मैं चाहता हूं कि हर महिला कलरबार को लग्जरी की अपनी परिभाषा में सजा सके और हर बार अपने पसंदीदा मेकअप को इस्तेमाल करते हुए लाखों में खुद को महसूस करे। इस सफल कार्यक्रम के लिए मैं कलरबार टीम, दोस्तों, ब्रांड के प्रशंसकों, विशेषज्ञ मैनीक्योरिस्ट्स, डीएलएफ मॉल ऑफ इंडिया का आभारी हूं और इन सभी के अतिरिक्त उन सभी का भी दिल से आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस विशेष सपने वास्तविकता बनाने में मदद की है। “
इससे पहले का रिकॉर्ड सिंगापुर में 80 मैनीक्योरिस्टों की एक टीम ने 8 मार्च 2014 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के सम्मान में हासिल किया था। उन्होंने 1 घंटे में 281 प्रतिभागियों के नाखूनों को मैनीक्योर (फाइल और वार्निश) किया था
मैनीक्योरिस्ट और प्रतिभागियों की संख्या बढ़ाने के सरल दर्शन को अपनाकर, कलरबार ने इस नए रिकॉर्ड को मुश्किल बना दिया है और मुझे लगता है इस रिकॉर्ड को कायम रखना हमारे लिए आने वाले कई वर्षों तक सम्भव रहेगा। इस अवसर पर रिकॉर्ड कायम करने का यह यादगार सफर मॉल में जारी था जहां जोश-खरोश के बीच एक कल्पनाशील और जटिल 'नेलपॉलिश मोजेक' अपने आप में लोगों के लिए विशिष्ट आकर्षण था। 18फीट बाय 18फीट के हॉरिजेंटल इंस्टालेशन को लगभग 2200 बोतल के माध्यम से इसे जीवंत किया था।
यह अवसर कलरबार के रु1001शेड्सऑफलव की जीवंत शक्ति की एक और मनोरम अभिव्यक्ति के साथ और एक सफल एवम् नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का यागदार पल बना।
समीर मोदी ने सुनिश्चित किया है कि यह उपलब्धि एक उद्देश्यपूर्ण और सशक्त रहे। कलरबार बालिकाओं की शिक्षा कार्य में योगदान देंगे। वास्तव में, रुसीबीनेल्सदरिकॉर्ड ने सुंदरता में महाकाव्य के स्तर तक नाखून पेंटिंग के सरल अभ्यास को बढ़ाया है और लगातार इसे बेशुमार प्यार भी मिल रहा है।


Popular posts
Global Vision of Jalan
Image
दिवाली मिलन कार्यक्रम में पहुंच सकते हैं पत्रकारों की आड़ में चोर उचक्के
इम्यून सिस्टम को मजबूत कर रही जन्नती ढाबा की हांडी स्पेशल निहारी
Image
चांदनी चौक की जनता के साथ हुए अन्याय पर जय प्रकाश अग्रवाल ने की चर्चा
Image
अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।