अवैध हथियारों की तस्करी के दो आरोपित गिरफ्तार

अपराध संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अवैध हथियार बनाकर उनकी तस्करी करने वाले गैंग के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों में पवन सिंह और उसका साथी चंदर सिंह उर्फ चंदन सिंह उर्फ सतनाम सिंह शामिल है। पुलिस ने इनके पास से 30 पिस्टल बरामद की है। स्पेशल सेल की टीम पुलिस रिमांड पर लेकर आरोपितों से पूछताछ कर रही है।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त मनीषी चंद्रा ने बताया कि मुख्य आरोपित पवन ने पूछताछ में बताया है कि वह करीब 10 साल से हथियार बनाकर दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में सप्लाई करता रहा है। मार्च में भी पुलिस ने दो हथियार तस्करों अमरीकन और शीतल सिंह को पकड़ा था और उनके पास से 52 पिस्टल बरामद हुई थी। तब पूछताछ में पता चला था कि हथियारों को मध्य प्रदेश के धार से पवन सिंह लाता है। पवन खुद हथियार बनाता है। उसके बाद से पवन की तलाश की जा रही थी। आखिरकार स्पेशल सेल की टीम को सफलता मिली। उसने मंगलवार को एक सूचना के आधार पर झील वाला पार्क, रोहिणी सेक्टर-3 से मुख्य आरोपित पवन और उसके एक साथी चंदन को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास से 30 पिस्टल .32 बोर की बरामद हुई है।
आरोपित पवन और चंदन का कहना है कि धार मध्य प्रदेश में बड़ी सं या में लोग अवैध हथियार बनाना जानते हैं। उनकी कई पीढियां इसी काम में लगी हैं। पवन का परिवार करीब 80 साल से यह काम करता आ रहा है। वह खुद पिछले 10 साल से अवैध हथियार बनाता रहा है। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश में अवैध हथियार के पांच मामले दर्ज हैं, जबकि चंदन भी कई मामलों में शामिल रहा है। आरोपित पुलिस से बचने के लिए गांव के पास जंगल में अस्थाई निवास बनाकर हथियार बनाते हैं। अब तक ये दोनों सैंकड़ों हथियार बनाकर देशभर में सप्लाई कर चुके हैं।
पुलिस की पूछताछ में आरोपित चौंकाने वाला खुलासा किया है। वह लोहे के कबाड़, साइकिल के फ्रेम और बड़ी गाडियों के टायर से निकलने वाले तार से स्प्रिंग बनाकर .32 बोर की पिस्टल तैयार करता था। एक पिस्टल तैयार करने में उसे करीब 7000 हजार रुपये की लागत आती थी, जबकि 25 से 30 हजार रुपये की बेच देता था। पुलिस इन दोनों आरोपितों को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कर रही है।


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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।