वोट प्रतिशत गिरने से प्रत्याशियों में बढ़ी बेचैनी

-सभी दलों को अपनी जीत की उम्मीद
मो. अनस सिद्दीकी
नई दिल्ली। दिल्ली में पिछली बार की तुलना में इस बार वोट का प्रतिशत गिरने से प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ गई है। राजधानी में इस बार लगभग 60 फीसद मतदान हुआ है यानी वर्ष 2014 की तुलना में करीब पांच फीसद कम मतदाता घर से निकले हैं। मत प्रतिशत में यह कमी राजनीतिक दलों व उनके प्रत्याशियों की बेचैनी तो बढ़ा ही रही है। भाजपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी तीनों ही अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, लेकिन कम मतदान उन्हें परेशान कर रहा है। भाजपा की चिंता इसलिए बढ़ रही है, क्योंकि यह माना जाता है कि जिस वर्ग में उसकी पकड़ मजबूत है, वह अमूमन वोट देने में पीछे रह जाता है। दूसरी ओर मुस्लिम इलाके में अच्छी वोटिंग को भी वह अपने लिए नुकसानदेह मानता है।
हालांकि, भाजपा नेताओं को उम्मीद है कि मुस्लिमों का वोट आप और कांग्रेस के बीच बंट रहा है, जिसका फायदा भाजपा प्रत्याशियों को होगा। विधानसभा चुनाव में मुस्लिमों का एकतरफा वोट आप के साथ था, लेकिन इस चुनाव में कांग्रेस के प्रति भी उनका रुझान बढ़ा है। इसी तरह से भाजपा नेताओं को झुग्गियों और अनधिकृत कॉलोनियों में समर्थन मिलने की उम्मीद है। उनका कहना है कि पिछले लोकसभा व विधानसभा चुनावों में इन क्षेत्रों में आप और कांग्रेस को वोट मिले थे, लेकिन इस बार स्थिति बदल गई है। भाजपा का इन क्षेत्रों में जनाधार बढ़ा है। भाजपा नेताओं के इन तर्कों के बावजूद जानकारों को मानना है कि मतदान में कमी का सबसे ज्यादा नुकसान भाजपा प्रत्याशियों को ही होगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में मत प्रतिशत में बहुत ज्यादा कमी नहीं है।
आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 1977 में हुए आम चुनाव में दिल्ली में लगभग 71 प्रतिशत वोट पड़े थे। वह चुनाव आपातकाल के बाद हुआ था और लोगों ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के विरोध में भारी मतदान किया था। उस चुनाव के बाद दिल्ली में कभी भी इतने वोट नहीं पड़े हैं। लेकिन जब भी ज्यादा मतदान हुआ, उसका परिणाम बदलाव के रूप में सामने आया है। वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव हो या फिर 2015 का विधानसभा चुनाव, दोनों ही चुनावों में 65 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने वोट दिए और उसके परिणाम सबके सामने है। 2014 में भाजपा को सातों सीटों पर जीत मिली थी तो 2015 में आप को विधानसभा की 70 में से 67 सीटों पर जीत। अब लोगों को इंतजार है कि इस बार के मत फीसद में गिरावट का क्या परिणाम सामने आता है। लोकतंत्र के महापर्व में राजधानी के लोगों ने ईवीएम का बटन दबाकर प्रत्याशियों को लेकर अपना फैसला सुना दिया है।
उन्होंने क्या फैसला दिया है, इसका पता तो 23 मई को मतगणना के बाद लगेगा, लेकिन सियासी गलियारों में गर्माहट सोमवार को भी बरकरार रही। सियासी दावों के साथ ही गली नुक्कड़ व बाजारों में भी लोग हार-जीत पर बाजी लगाते रहे। राजनीतिक दलों के कार्यालयों, रेस्तरा, चाय-पान की दुकानों से लेकर मेट्रो स्टेशनों, मेट्रो व बसों में भी दिनभर चुनावी चर्चा चली। भाजपा नेता जहां सातों सीटें जीतने जबकि कांग्रेसी नेता बेहतर प्रदर्शन की बात कह रहे हैं। आप के नेता अंदरखाने पार्टी को तीन से चार सीटें मिलने का दावा कर रहे हैं। आप उत्तर-पश्चिमी, पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली में जीत की उम्मीद कर रही है। वहीं, कांग्रेस चार सीटों पर भाजपा से सीधा मुकाबला होने व जीत का दावा कर रही है। पार्टी को उम्मीद है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली, नई दिल्ली, चांदनी चौक और पश्चिमी दिल्ली में उसे जीत मिलेगी।


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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।