नाइजीरिया दूतावास परिसर में फेस योगा फॉर डिप्लोमैट्स का हुआ आयोजन


मो. अनस सिद्दीकी
नई दिल्ली। नाइजीरिया के उच्चायुक्त महामहिम मेजर जनरल क्रिस संडे एजे के साथ लायन गौरव गुप्ता, राजस्थानी अकादमी के अध्यक्ष और मानसवानी फाउंडेशन के उपाध्यक्ष ने एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। फेस योगा फॉर डिप्लोमैट्स जो कि अंतर्राष्ट्रीय योग एक्सपर्ट मानसी गुलाटी द्वारा लिया गया था। लायन गौरव गुप्ता ने अपने स्वागत भाषण में नाइजीरिया के राजदूत को दूतावास परिसर में इस अनूठे सत्र की मेजबानी करने का अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने वियतनाम के महामहिम राजदूत, रवांडा के महामहिम राजदूत, घाना के उप राजदूत, पनामा और मॉरीशस का स्वागत किया। बर्किनो फासो के राजनयिक और विभिन्न अफ्रीकी देशों के छात्रों का स्वागत किया गया।
योग एक्सपर्ट मानसी गुलाटी ने फेस योग एक्सरसाइज का प्रदर्शन किया और इसके फायदे पूरे शरीर के लिए बताए। अपने भाषण में उन्होंने उल्लेख किया कि फेस योग अभ्यासों की एक ऐसी श्रृंखला है जो आपके चेहरे को ठीक रखती है। आपके शरीर के लिए योग, मांसपेशियों को आराम और टोन करना है। विभिन्न देशों के राजनयिकों के साथ दूतावास के लॉन में योग सत्र आयोजित किया गया। नाइजीरिया के महामहिम राजदूत ने ऐसी उपयोगी कार्यशाला के लिए प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने भविष्य में इस तरह की और योग कार्यशालाएँ करने का वादा भी किया। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की महान दृष्टि और प्रयासों के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2015 से हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का फैसला किया और उसी के मद्देनजर भारत सरकार ने उसी के नाम पर एक समर्पित मंत्रालय नियुक्त किया है आयुष।
इस दृष्टि को और आगे ले जाने के लिए नाइजीरिया के दूतावास के साथ हाथ मिलाकर राजस्थानी अकादमी और मनस्वनी फाउंडेशन का यह एक और प्रयास था। इस कार्यक्रम की शुरुआत हरियाणा के सिरसा से आए बच्चे चाहत गोयल के प्रार्थना नृत्य से हुई जिसे सभी ने सराहा। नाइजीरिया उच्चायोग के याबानी और स्टेला ने इस कार्यशाला की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपना पूर्ण सहयोग दिया। इस आयोजन के लिए आतिथ्य भागीदार किचन क्राफ्ट थे, उपहार के साथी वंडर्सॉफ्ट और रॉ जूस थे और इस आयोजन का प्रबंधन क्राफ्ट बज्ज और अमलतास द्वारा किया गया था। महामहिम भारत में अफ्रीकी मिशन के डीनए इरीट्रिया के राजदूत अलेम वोल्डेमारीमए जो इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे दुर्भाग्य से आने में असमर्थ थे और उन्होंने आयोजकों को अपना आशीर्वाद और शुभकामनाएँ भेजी।


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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।
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