चांदनी चौक की जनता के साथ हुए अन्याय पर जय प्रकाश अग्रवाल ने की चर्चा


 


नई दिल्ली (वेबवार्ता)। शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चांदनी चौक लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी जय प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि मैं तीनों उम्मीदवारों भाजपा के हर्ष वर्धन और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के मुकाबले केवल मैं चुनाव क्षेत्र का स्थाई निवासी हूं बाकी दोनों बाहरी है और उन्हें इस क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी ही नही है। संवाददाता सम्मेलन को पूर्व सांसद और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जय प्रकाश अग्रवाल, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष हारुन यूसूफ और प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत गोस्वामी ने संबोधित किया।
श्री अग्रवाल ने कहा कि इस इलाके में जिस बेहरमी से सीलिंग का काम चल रहा है उसकी वजह से व्यापारी और छोटे दुकानदार, व्यवसायी हाशिए पर पहुच चुके है। माजरा यह है कि स्थानीय सांसद केन्द्रीय मंत्री हर्ष वर्धन की जुबान पर ताला लगा हुआ है जबकि इस क्षेत्र में हजारों कारोबारी और नौजवान अपनी नौकरी गंवा चुके है। श्री अग्रवाल ने क्षेत्रवासियों को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि उनकी सरकार के आते ही एक हफ्ते के अंदर सीलिंग से प्रभावित दुकानों इत्यादि को डीसील किया जाऐगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी से इस व्यवसायिक क्षेत्र को इतना बड़ा नुकसान हुआ है जिसका बयान करना आसान नही है। लेकिन फिर भी डॉ. हर्षवर्धन को अपने क्षेत्र की इस घटना का जैसे पता भी न हो।
श्री अग्रवाल ने कहा कि इस क्षेत्र में पानी एक बहुत बड़ी समस्या बन चुका है। जो पानी आता भी है वह शुद्ध नही होता और झुग्गी झौपड़ी के इलाकों में तो वह अशुद्ध जल भी उपलब्ध नही हो रहा है। यह भी गौरतलब है कि जितना पहले दो महीने का बिल होता था वह अब एक महीने में बिल दिल्लीवासियों को देना पड़ रहा है। श्री अग्रवाल आज यहां दिल्ली प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में डॉ. हर्ष वर्धन का रिपोर्ट कार्ड पेश कर रहे थे। उन्होंने वर्धन की आलोचना करते हुए कहा कि केबिनेट मंत्री होकर भी उन्होंने चांदनी चौक क्षेत्र के बारे में कभी गंभीरता से विचार नही किया। क्योंकि उन्हें इस क्षेत्र के विकास में कोई रुचि ही नही है। जबकि मैंने जब से होश सम्भाला सोते जागते हमेशा यही सपना देखा कि चांदनी चौक और समूची दिल्ली को किस तरह से दुनिया के नक्शे पर पहुचा दूं।
श्री अग्रवाल ने बताया कि हर्ष वर्धन ने तो सांसद नीधि का पैसा भी नही खर्च किया। पांच साल के कार्यकाल में जो 25 करोड़ रुपया मिला उसका 70 प्रतिशत राशि वापस लौटा दी और केवल 8 करोड़ 7 लाख रुपया ही खर्च किया। दुख की बात तो यह है कि इतने नामी ग्रामी सांसद महोदय जिन 401 कार्यों को कराने की पेशकेश की उसमें से केवल 142 कार्य ही पूरे किए जा सके। श्री अग्रवाल ने कहा कि जब मैं चांदनी चौक से सांसद था उस समय मैंने पूरानी दिल्ली के विकास के लिए 1500 -2000 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्रबंध करवाया था। हमारे मुकाबले डॉ. हर्षवर्धन को तो पुरानी दिल्ली के विकास के लिए कम से कम 10, 000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड मुहैया कराना चाहिए था।
श्री अग्रवाल ने यह भी बताया कि डॉ. वर्धन के समय में जिन गांवों धीरपुर, घोघा, सिंगोला को सांसद आदर्श गांव के तहत गोद लिया गया था वहां पर विकास का कोई भी कार्य नही हुआ और यह योजना पूरी तरह विफल हो गई। अग्रवाल ने कहा कि चांदनी चौक के इर्द-गिर्द पांच प्रमुख पार्किंग की जगह-परेड ग्राउंड, दंगल मैदान, गांधी मैदान, चर्च मिशन, बाग दिवार में पिछले पांच साल से शुरु नही किया जा सका। जिसका सबसे बड़ा कारण है इस सरकार का लाल फीताशाही कर रवैया। जबकि दिल्ली नगर निगम में भाजपा की सता है इसकी वजह से भी इस क्षेत्र व्यापारियों और उपभोक्ताओं को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय सांसद की उदासीनता के कारण इस क्षेत्र में अपराधिक गतिविधियां बड़ी तेजी से बढ़ रही है जिसका एक कारण पुलिस की निष्क्रियता भी है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष हारुन यूसूफ ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या के बारे में आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार पूरी तरह उदासीन है। दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुचने के कारण दिल्ली की हालत बदतर हो गई हैं। दिल्ली में प्रदूषण की वजह से दिल्लीवासियों के फैंफड़े प्रदूषण की वजह से काले पड़ रहे है और आस्थमा की बीमारी से 30 लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में दिल्ली के हरित क्षेत्र की 18 प्रतिशत की वृद्धि की थी जबकि केन्द्र की मोदी सरकार और आम आदमी पार्टी पर्यावरण के प्रति निष्क्रियता किसी से छिपी नही है।
दिल्ली के पूर्व मंत्री और प्रवक्ता रमाकांत गोस्वामी ने कहा कि जय प्रकाश अग्रवाल चांदनी चौक क्षेत्र के हर गली कूचे से इतना परिचित हैं कि उनसे बेहतर कोई दूसरा व्यक्ति इस क्षेत्र का नुमाईंदा बनने की काबलियत नही रखता। इसीलिए जिस बेचेनी के साथ उनको यहां से चुनाव जीताने का रुझान मतदाताओं में दिखाई दे रहा है उसके आधार पर मैं यह कहा सकता हहॅ कि इस बार अग्रवाल बहुत बड़े अंतराल जीतेंगे।


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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।