भाजपा, आरएसएस कार्यकर्ता केंद्रीय बलों की वर्दी में पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर रहे : ममता

कोलकाता (वेबवार्ता)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा सरकार पर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए केंद्रीय बलों का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें आशंका है कि भाजपा एवं आरएसएस के कार्यकर्ता चुनाव कराने के लिए बलों की वर्दी पहन राज्य में प्रवेश कर रहे हैं। बनर्जी ने यहां दक्षिण परगना जिले के बसंती इलाके में एक रैली में कहा, “मैं केंद्रीय बलों का अपमान नहीं कर रही। लेकिन उन्हें मतदाताओं को प्रभावित करने का निर्देश दिया गया है। पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों की नियुक्ति करने के नाम पर भाजपा जबरन आरएसएस एवं भाजपा कार्यकर्ता को यहां भेज रही है।'' उन्होंने कहा, “मुझे शक है कि आरएसएस कार्यकर्ताओं को (केंद्रीय बलों की) वर्दी में पश्चिम बंगाल में भेजा जा रहा है।”


साथ ही बनर्जी ने कहा कि घाटल निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी भारती घोष की सुरक्षा का प्रभार संभाल रहे केंद्रीय बलों के अधिकारियों की गोलीबारी में तृणमूल कांग्रेस का एक कार्यकर्ता घायल हो गया। उन्होंने कहा, “आज केंद्रीय बलों ने एक केंद्र में गोली चलाई। मैंने सुना कि अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाला मेरा एक भाई घायल हो गया।” बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों के कर्मी कतार में खड़े मतदाताओं से भगवा पार्टी के पक्ष में वोट डालने को कह रहे थे। बनर्जी ने कहा, “वह ऐसा कैसे कर सकते हैं? मतदाताओं को भाजपा के लिए वोट डालने के लिए कहना क्या केंद्रीय बलों का काम है? कुछेक सेवानिवृत्त अधिकारियों को मोदी सरकार की तरफ से यहां मतदान कराने के लिए प्रयोग में लाया जा रहा है और उन्हें जो समझ रहा है वे वह कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “आपको यह करते हुए शर्म आनी चाहिए...आप यहां अपना कर्तव्य निभाने के लिए हैं। आज आप मोदी के तहत काम कर रहे हैं, कल को किसी ओर के तहत होंगे। तब आप क्या करेंगे?” पश्चिम बंगाल में लोकसभा की आठ सीटों पर छठे चरण के तहत हो रहे चुनावों के लिए केंद्रीय बलों की करीब 770 कंपनियों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए तैनात किया गया है।


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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।