राजस्थान की जनता से वोट मांगने से पहले कश्मीर और धारा 370 पर अपना रुख साफ बताएं कांग्रेस

भाजपा ने आज अपना घोषणापत्र जारी कर दिया इस पर 45 पन्नों के घोषणापत्र में भाजपा ने जो मुख्य बात कही है उन मुख्य बातों में यह भी कहा है कि धारा 370 को हटा दिया जाएगा । जिस पर अचानक उछलकर डब्बे से बाहर आए कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला तल्ख बयानी करते हुए कहा कि - देखते हैं आप कैसे करते हैं ? 370 हट जाएगा तो कश्मीर आजाद हो जाएगा। अपने इसी रवैये की वजह से पूरे देश में नफरत के पात्र बने फारूक अब्दुल्ला आखिर अपने आप को समझते क्या हैं ? यह वही फारूख अब्दुल्लाह है जो कश्मीर में बैठकर किसी भी पत्रकार के सामने बड़ी बदतमीजी से पेश आने खालिस कश्मीरी बन जाते हैं। और दिल्ली में किसी भी मीडिया चैनल के कैमरे के सामने बैठ जाते हैं तो अचानक देश भक्त बन जाते हैं। मैं पूछना चाहता हूं फारूक अब्दुल्लाह से की उनके धारा 370 को लेकर इस बयान से क्या उनके जवाई और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट भी सहमत हैं या नहीं ? और यदि सहमत हैं तो कश्मीर मुद्दे पर खुलकर क्यों नहीं बोलते हैं ताकि आम वोटर को आगामी चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में मतदान करते वक्त इस बात का भी ख्याल रहे कि उनका नेता कश्मीर जैसे ज्वलंत मुद्दे पर क्या सोचता है। राजनीति में परिवारवाद की एक अमिट मिसाल कायम करने वाला अब्दुल्ला परिवार अखिर इस देश से चाहता क्या है ? जम्मू में बैठकर ससुर देश तोड़ने की बातें करेगा और जवाई राजस्थान में खड़ा होकर मुख्यमंत्री की कुर्सी की तरफ देखेगा और आम जनता से समर्थन भी चाहेगा। यह दोनों बातें आखिर एक साथ हो कैसे सकती हैं ? आम जनता को भी इस बात को गंभीरता से लेते हुए राजस्थान में सचिन पायलट द्वारा चलाई जा रही कांग्रेस को समर्थन करने से पहले गंभीरता से सोचना चाहिये। कि कहीं वह अपना समर्थन एक ऐसे व्यक्ति के कहने पर तो नहीं देने जा रहे हैं, जिसका सीधा संबंध अब्दुल्लाह परिवार से है। जब एक तरफ फारूक अब्दुल्ला वाले कश्मीर के लाल चौक पर देश का तिरंगा तक लहराने नहीं दिया जाता तो आखिर राजस्थान में एक राष्ट्रभक्त आम नागरिक कैसे सचिन पायलट द्वारा चलाई जाने वाली कांग्रेस का झंडा लहराएगा ? अब देखना यह है  की राजस्थान में चुनावी मैदान में उतरे भाजपा के प्रत्याशी वह आला नेता सचिन पायलट से यह सवाल पूछते हैं या नहीं ?


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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।