पहले चरण में पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में सबसे अधिक 81 फीसदी मतदान


 


मो. अनस सिद्दीकी
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के पहले चरण में हिंसा और संघर्ष की कुछ छिट पुट घटनाओं को छोडकर आज कुल मिलाकर शांतिपूर्ण मतदान हुआ और त्रिपुरा में सबसे अधिक 81.8 फीसदी तथा पश्चिम बंगाल में 81 फीसदी मत डाले गये। पहले चरण के चुनाव में अब तक आचार संहिता उल्लंघन के 570 मामले सामने आये और कुल 15 ईवीएम मशीनों को क्षतिग्रस्त करने की घटनायें सामने आयी है। इन मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आन्ध्र प्रदेश में 6, अरूणाचल प्रदेश में 5, बिहार में 1, मणिपुर में 1 और पश्चिम बंगाल में 1 इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन को क्षतिग्रस्त किया गया। उप चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस बार भी पिछले लोकसभा चुनावों के पहले चरण की मतदान हुआ। उन्होंने बताया कि 17 वीं लोकसभा के पहले चरण के चुनाव में 18 राज्यों और दो केन्द्र शासित प्रदेशों की 91 सीटों के लिए मत डाले गये और जम्मू कश्मीर सहित सभी क्षेत्रों में मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि कहीं से किसी भी तरह की बड़ी अप्रिय घटना की जानकारी नहीं मिली और मतदाताओं में मतदान के प्रति अच्छा उत्साह देखा गया। आंध्रप्रदेश में संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हुई और अरुणाचल प्रदेश में एक चुनावकर्मी की मृत्यु हृदयाघात से हो गयी।


उन्होंने कहा कि आयोग को सभी सीटों से शाम पांच बजे तक के मतदान के आंकडे मिले हैं। ताजा जानकारी के अनुसार अभी भी कुछ मतदान केन्द्रों में मत डाले जा रहे थे। त्रिपुरा की एक सीट के लिए 81.8 फीसदी, पश्चिम बंगाल की दो सीटों के लिए 81, जम्मू कश्मीर की दो सीटों के लिए 54.49, आन्ध्र प्रदेश की 25 सीटों के लिए 70.67, छत्तीसगढ की एक सीट के लिए 56, अंडमान निकोबार की एक सीट के लिए 70.67, तेलंगाना की 17 सीटों के लिए 60, उत्तराखंड की पांच सीटों के लिए 57.85, सिक्किम की एक सीट के लिए 69, मिजोरम की एक सीट के लिए 60, नगालैंड की एक सीट के लिए 78.2, असम की पांच सीटों के लिए 68, उत्तर प्रदेश की 8 सीटों के लिए 63.69, ओडिशा की चार सीटों के लिए 68, महाराष्ट्र की सात सीटों लिए 56, मेघालय की दो सीटों के लिए 67.16 लक्षद्वीप की एक सीट के लिए 66 और बिहार की चार सीटों के लिए 50 फीसदी मत डाले गये। उन्होंने कहा कि पहले चरण के चुनाव में अभी तक 2462 करोड़ रुपए की नकदी, शराब, मादक पदार्थ और जेवरात आदि बरामद किये गये हैं। ये पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में दुगुना राशि हैं।


Popular posts
Global Vision of Jalan
Image
दिवाली मिलन कार्यक्रम में पहुंच सकते हैं पत्रकारों की आड़ में चोर उचक्के
इम्यून सिस्टम को मजबूत कर रही जन्नती ढाबा की हांडी स्पेशल निहारी
Image
चांदनी चौक की जनता के साथ हुए अन्याय पर जय प्रकाश अग्रवाल ने की चर्चा
Image
अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।