भाजपा चली बेटी सताओ-बेटी पिटवाओ की राह पर: दीपा शर्मा

 


 


मुहम्मद इमरान खान


करनाल। एक तरफ तो पूरे भारत देश में 13 अप्रैल को जलियांवाला बाग में गोली कांड के दौरान शहीद हुए देशभगतों को याद किया जा रहा है। वहीं दुसरी तरफ हरियाणा पुलिस द्वारा करनाल के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में घुसकर निहत्थे छात्र-छात्राओं और स्टाफ सदस्यों पर लाठीयां बरसाई जा रही है। सरकार द्वारा निर्मम और बेरहम लाठीचार्ज करने की घोर निंदा करते हुए हरियाणा कांग्रेस की प्रदेश महासचिव दीपा शर्मा ने कहा कि 13 अप्रैल को जालियांवाला बाग हत्याकांड के 100 साल पूरे होने पर जहां पूरा देश शहीदों को नमन कर रहा है वहीं हरियाणा की पुलिस करनाल  अपने साथी छात्र की सड़क दुर्घटना में हुई मौत पर प्रदर्शन कर न्याय मांग रहे निर्दोष छात्र-छात्राओं पर हरियाणा पुलिस द्वारा नृशंस लाठीचार्ज करके अंग्रेजी कुशासन की याद दिला रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह संस्थान के कैंपस में घुसकर संस्थान के छात्र-छात्राओं के साथ स्टाफ के साथ मारपीट की गई है वो अति निंदनीय और शर्मनाक है, जो भाजपा सरकार के निकम्मेपन, नाकारापन और छात्र विरोधी सोच को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ के नारे पर जनता के खुन पसीने की गाढी कमाई को पानी की तरह बहा रही है वहीं त्राओं पर लाठीचार्ज से भाजपा की बेटियों व महिलाओं के प्रति हितेशी होने की पोल खुल गई है। भाजपा बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ की उपेक्षा बेटी सताओ- बेटी पिटवाओ पर लगी हुई है। शर्मा ने कहा कि खट्टर सरकार ने अपने शासनकाल में अपने हकों के लिए लड़ रहे लोगो की आवाज को लाठियों से दबाने का प्रयास किया है, चाहे वो गुरुग्राम के रेयान स्कूल में छात्र हत्याकांड में न्याय मांग रहे अभिभावकों पर लाठीचार्ज की बात हो, किसानों  पर लाठीचार्ज की बात हो, नर्सिंग छात्राओं की बात हो या सरकारी कर्मचारियों पर लाठीचार्ज की बात हो, ऐसे अनेक मौकों पर इस सरकार सरकार ने लाठी डंडों के दम पर हरियाणा प्रदेश की जनता की आवाज दबाने का प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री खट्टर से इस बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के लिए सार्वजानिक माफी और दोषी प्रशासनिक अधिकारीयों के खिलाफ कार्यवाही की मांग के साथ ही उन्होंने छात्र-छात्राओं की उचित मांगों को तुरंत मानने की मांग की है ।


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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।