सिमरी बख्तियारपुर नेशनल हाईवे 107 में सांसद केसर का हैं हस्तक्षेप

सड़क निर्माण में है बड़ा घपला

मो.अनस सिद्दीक़ी

नई दिल्ली। देश में सुशासन की बात करने वाली सरकार में सुचिता तो कहीं नजर आती नही है बल्कि जंगलराज और अधिकारी सियासतदानों के यहां दरबारी बने नजर आते हैं। माफियाओं की सरकार के समानांतर अपनी व्यवस्था चल रही है। मामला बिहार के सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर के रानी बाग के नेशनल हाईवे 107 का है। इस हाईवे का निर्माण केंद्र सरकार का राष्ट्रीय राज मार्ग मंत्रालय के द्वारा किया जा रहा है। यहां पर इस हाईवे का निर्माण बरसात से पूर्व होना चाहिए था। लेकिन ठेकेदार, अधिकारियों और नेताओं के गठजोड़ के चलते बरसात में किया जा रहा है। ताकि सड़क निर्माण कम और भ्रष्टाचार ज्यादा हो सके। इस संदर्भ में सोशल मीडिया में जमकर आरोप-प्रत्यारोप लग रहे हैं।

रानी बाग निवासी मुमताज़ सिद्दीकी का कहना है कि सहरसा के जिला प्रशासन और ठेकेदार ने सिमरी बख्तियारपुर को बर्बाद करने का इरादा बना लिया है। इस बाबत क्षेत्रीय लोगों ने सांसद महोदय को शिकायत भी की। परिणाम वही ढाक के तीन पात वाला ही रहा। आने जाने वाले राहगीरों को न केवल दिक्कत हो रही है बल्कि अंधेरे और खराब सड़क के कारण दुपहिया वाहन चालक दुर्घटना के शिकार हो रहे है। सांसद, महोदय, ठेकेदार और जिलाधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।

अमित केसरवानी ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा है कि ठेकेदार सांसद महबूब अली केसर का आदमी है। इसलिए जब दो दिन से बारिश रुकी हुई थी तब उसने नेशनल हाईवे 107 के निर्माण का कार्य नहीं किया। जैसे ही बारिश शुरू हुई तो उसने कार्य करना शुरू कर दिया। जिसकी वजह से निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है। यह एक सोची समझी साजिश है। सांसद चौधरी महबूब अली केसर इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। लगता है जैसे उन्होंने इस प्रकरण में ठेकेदार को बचाने की हर सम्भव कोशिश और भ्रष्टाचार के विरुद्ध न बोलने के लिए मुहं में जैसे दही जमा रखा है।

इस मामले के संदर्भ में जब सहरसा की जिलाधिकारी शैलजा शर्मा को उनके मोबाइल नम्बर 9473191340 पर दो बार सम्पर्क किया। जिलाधिकारी ने नेशनल हाईवे 107 की बात सुनकर फोन काट दिया।

 

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अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।